
नई दिल्ली। अंग प्रत्यारोपण करा चुके लोगों और अंगदाताओं ने रविवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक साथ ताड़ासन करके रिकॉर्ड बनाया। इस सामूहिक योग गतिविधि में 570 लोगों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान हुए इस प्रयास के बाद आयोजकों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नई दिल्ली की ओर से प्रमाणपत्र दिया गया।
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेल 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अंगदान को ‘महादान’ बताते हुए कहा कि यह किसी दूसरे व्यक्ति को जीवन का नया अवसर देने का माध्यम है।
अंग प्रत्यारोपण करा चुके खिलाड़ियों ने दिखाया खेल का जज्बा
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये खेल केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं हैं, बल्कि अंग प्रत्यारोपण के बाद सामान्य और सक्रिय जीवन की ओर लौटे लोगों के साहस, संकल्प और आत्मविश्वास को सामने लाने का मंच हैं।
यह भी पढ़ेंबेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर शुरू, उद्यान एक्सप्रेस से करीब 6 घंटे कम होगा सफर
उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अनुशासन और खेल भावना की सराहना की। उनके मुताबिक, इन प्रतिभागियों की उपलब्धियां उन लोगों के लिए उम्मीद जगाती हैं जो अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं।
एक अंगदाता आठ लोगों की बचा सकता है जान
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक मृत अंगदाता के अंगों से आठ लोगों तक की जान बचाई जा सकती है।
यह भी पढ़ेंलोक लेखा समितियों के सम्मेलन का 3 नवंबर को उद्घाटन करेंगे ओम बिरला, जवाबदेही और सुशासन पर होगी चर्चा
Vice-President Shri C. P. Radhakrishnan inaugurated the National Organ Transplant Games 2026 at Talkatora Stadium, New Delhi today.
The Vice-President paid his deepest respects to deceased organ donors and their families, whose selfless decisions give others a second chance at life.
He described the Games as a celebration of courage, determination, compassion and the precious gift of life.
Shri Prataprao Jadhav, Union Minister of State for Health and Family Welfare; Ms. Bansuri Swaraj, Member of Parliament, Lok Sabha; and other dignitaries were present during the occasion.
@mpprataprao @BansuriSwaraj @MoHFW_INDIA
— Vice-President of India (@VPIndia) November 1, 2026
उन्होंने लोगों से अंगदान से जुड़ी गलत धारणाओं और भ्रम को दूर करने, सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और अपनी अंगदान संबंधी इच्छा परिवार के सदस्यों को बताने की अपील की। उन्होंने मृत अंगदाताओं और उनके परिवारों के योगदान को भी याद किया। जीवित अंगदाताओं की भूमिका की सराहना करते हुए इसे मानवता और करुणा का उदाहरण बताया।
‘जिंदगी दोबारा’ कैलेंडर जारी, विश्व खेलों के पदक विजेता सम्मानित
समारोह में उपराष्ट्रपति ने ‘जिंदगी दोबारा’ कैलेंडर जारी किया। इसके साथ ही वर्ष 2025 में जर्मनी के ड्रेसडेन में आयोजित वर्ल्ड ट्रांसप्लांट गेम्स के पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
यह भी पढ़ेंभारतीय नौसेना का पोत त्रिशूल ग्रीस पहुंचा, सूडा खाड़ी में यूनानी नौसेना के साथ बढ़ाएगा सहयोग
कार्यक्रम में कबड्डी, टेबल टेनिस और बैडमिंटन के प्रदर्शनी मुकाबले भी आयोजित किए गए। उपराष्ट्रपति ने मौजूद लोगों के साथ अंगदान की शपथ भी ली।
राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण खेलों की इस पहल में रीनल केयर फाउंडेशन, सर गंगाराम अस्पताल और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) की भूमिका रही।
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, सांसद बांसुरी स्वराज और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अन्य अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
