
चंडीगढ़, 1 नवंबर। चंडीगढ़ पुलिस के 60 साल के सफर में रविवार को एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस के हीरक जयंती स्थापना दिवस समारोह में बल को राष्ट्रपति पुलिस निशान (President’s Police Colour) प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस बेड़े में 141 नए वाहनों को भी शामिल किया। शाह ने कहा कि यह सम्मान चंडीगढ़ पुलिस की छह दशकों की सेवा, अनुशासन और समर्पण की पहचान है।
पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। राष्ट्रपति पुलिस निशान किसी पुलिस बल को उसकी लंबी सेवा, अनुशासन और उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाने वाला सामूहिक सम्मान है।
2,152 AI कैमरों से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ को 2,152 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित CCTV कैमरे उपलब्ध कराएगी। इससे शहर की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि 141 नए वाहन पुलिस बेड़े में शामिल होने से गश्त, त्वरित कार्रवाई और पुलिस की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी। शाह के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस फिलहाल रिस्पॉन्स टाइम के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। नए वाहनों के शामिल होने के बाद इसे पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य है।
नए आपराधिक कानूनों के तहत 85 प्रतिशत दोषसिद्धि दर का दावा
गृह मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन का उल्लेख करते हुए कहा कि 4 अगस्त 2024 से अब तक शहर में 8,206 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से 7,590 मामलों में ऑनलाइन आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि चंडीगढ़ पुलिस ने लगभग 85 प्रतिशत दोषसिद्धि दर हासिल की है और दोषसिद्धि तक पहुंचने में औसतन 140 दिन का समय लग रहा है। NDPS यानी मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में दोषसिद्धि दर 93 प्रतिशत बताई गई।
चंडीगढ़ प्रशासन की ₹258 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहा हूँ… https://t.co/uCwh54i3jY
— Amit Shah (@AmitShah) November 1, 2026
शाह ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन पुलिस और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बना सकता है। उन्होंने नशे और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की।
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आतंकवाद के दौर में पुलिस के योगदान को किया याद
अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को चंडीगढ़ को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था और इसे पंजाब तथा हरियाणा की संयुक्त राजधानी की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद से चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाई है।
उन्होंने आतंकवाद के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि चंडीगढ़ भी उस समय की चुनौतियों से अछूता नहीं रहा। ऐसे कठिन दौर में पुलिस जवानों ने साहस और समर्पण के साथ शहर की सुरक्षा की।
पुलिसिंग में तकनीक और नागरिक सुविधाओं पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराध, आतंकवाद और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। नागरिकों को बेहतर और सुगम पुलिस सेवाएं देना भी उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की बीट पुलिसिंग व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से नागरिकों को कई सेवाओं के लिए पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत कम हुई है। उन्होंने पुलिस के त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की भी सराहना की। उनके अनुसार, पुलिस की सामान्य प्रतिक्रिया का समय लगभग चार मिनट और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का समय करीब 10 मिनट है।
शाह ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 130 विधवा पुलिस परिवारों को हर महीने 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा शिक्षा और खेल के लिए करीब 2.25 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है।
चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर मिला राष्ट्रपति पुलिस निशान बल के लिए एक महत्वपूर्ण सम्मान है। समारोह में पुलिस के आधुनिकीकरण, तकनीक के इस्तेमाल, नशे के खिलाफ कार्रवाई और नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने पर भी जोर दिया गया।
