
धारूहेड़ा (रेवाड़ी)। भिवाड़ी से आ रहे काले और दूषित पानी ने रविवार को एक बार फिर धारूहेड़ा में जनजीवन और यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयपुर मार्ग में बेस्टेक मॉल के पास करीब दो फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण कई कारें और ट्रक बीच रास्ते में बंद हो गए, जबकि वाहन चालकों को अपने वाहन छोड़कर पैदल पानी से बाहर निकलना पड़ा। सर्विस लेन पर भी पानी भरने से जाम की स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से मॉडर्न स्कूल के पीछे की तरफ से काला पानी धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जा रहा है। लोगों के अनुसार, शनिवार रात से ही पानी का तेज बहाव हरियाणा की तरफ आने लगा था। रविवार को इसका असर दिल्ली-जयपुर हाईवे तक पहुंच गया। पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
रात 12 बजे तेज हुआ पानी का बहाव, मिट्टी भी बही
धारूहेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष अजय जांगड़ा ने बताया कि रात करीब 12 बजे पानी का बहाव इतना तेज था कि स्कूल के पास लगाई गई मिट्टी भी बह गई। इसके बाद पानी रोकने के लिए दोबारा प्रयास किया गया, लेकिन बहाव पूरी तरह नहीं रुक सका।
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जांगड़ा ने भिवाड़ी प्रशासन पर स्कूल की आड़ में काला पानी धारूहेड़ा की तरफ छोड़ने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, अलवर बाईपास के नजदीक रैंप को ठीक किया जा चुका है, इसके बावजूद भिवाड़ी की ओर से पानी धारूहेड़ा की तरफ पहुंच रहा है।
अगस्त में भी हाईवे पर ठप हुआ था यातायात
यह पहली बार नहीं है जब भिवाड़ी से आने वाले दूषित पानी ने दिल्ली-जयपुर हाईवे की यातायात व्यवस्था बिगाड़ी हो। 6 सितंबर 2026 को भी भिवाड़ी से आने वाला प्रदूषित पानी धारूहेड़ा के सेक्टर-4 और सेक्टर-6 की सड़कों से होता हुआ हाईवे की सर्विस लेन तक पहुंच गया था। उस समय कई वाहन पानी में फंस गए थे और जाम फ्लाईओवर से लेकर सेक्टर-6 फ्लाईओवर तक पहुंच गया था। उस रिपोर्ट में भी खास बात यह थी कि क्षेत्र में बारिश नहीं हुई थी, फिर भी पानी लगातार धारूहेड़ा की तरफ आ रहा था।
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इससे पहले 29 अगस्त 2026 को भी सेक्टर-4 और सेक्टर-6 की आउटर रोड पर दूषित पानी जमा होने और बदबू फैलने की शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय लोगों ने तब भी आरोप लगाया था कि भिवाड़ी की तरफ से निजी स्कूल के पीछे के रास्ते से पानी हरियाणा की सीमा में पहुंच रहा है।
पानी रोकने के लिए बना रैंप, मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा
भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आने वाले पानी को रोकने के लिए सीमा पर रैंप बनाया गया था। सितंबर 2026 में इस रैंप का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया। अदालत ने हरियाणा सरकार से रैंप के निर्माण के आधार और जलभराव रोकने के उपायों के बारे में जानकारी मांगी थी। अदालत ने दोनों राज्यों के बीच समन्वय की संभावनाओं पर भी जवाब मांगा था।
इससे पहले भी रैंप को लेकर हरियाणा और राजस्थान के प्रशासन के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पानी रोकने के लिए किए गए इंतजामों के बावजूद दूषित पानी के धारूहेड़ा पहुंचने की शिकायतें जारी हैं।
355 करोड़ रुपये की ड्रेनेज योजना का क्या हुआ?
दिसंबर 2024 में भिवाड़ी से धारूहेड़ा पहुंचने वाले दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 355 करोड़ रुपये की ड्रेनेज योजना की जानकारी सामने आई थी। इसमें नाले बनाने, रिचार्ज पिट और इनफिल्ट्रेशन टैंक तैयार करने, प्राकृतिक झील तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने जैसे काम प्रस्तावित थे। योजना का उद्देश्य भिवाड़ी के पानी का उचित प्रबंधन करना और उसे धारूहेड़ा की ओर आने से रोकना था।
हालांकि, इस योजना के मौजूदा क्रियान्वयन और अब तक पूरे हुए कामों की स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। रविवार को फिर हाईवे पर जलभराव होने से यह सवाल उठ रहा है कि प्रस्तावित ड्रेनेज व्यवस्था का लाभ धारूहेड़ा तक कब पहुंचेगा।
वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को स्थायी समाधान का इंतजार
रविवार को हाईवे पर पानी भरने से वाहन चालकों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को परेशानी हुई। कई वाहनों के बीच रास्ते में बंद होने से यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने हाईवे और सर्विस लेन से पानी निकालने के साथ भिवाड़ी से आ रहे दूषित पानी के स्रोत पर रोक लगाने की मांग की है।
धारूहेड़ा के लोगों के सामने अब भी वही सवाल है कि हर बार पानी भरने के बाद अस्थायी इंतजाम करने के बजाय इसका स्थायी समाधान कब होगा। जब तक पानी के स्रोत और उसके निकास की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक बिना बारिश भी हाईवे पर ऐसे हालात बनने का खतरा बना रहेगा।
