
रायपुर। कोयला और लिग्नाइट खनन क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाली खदानों को सम्मानित करने के लिए कोयला मंत्रालय 2 नवंबर को रायपुर में स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह आयोजित करेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आकलन वर्ष 2024-25 में सर्वोच्च यानी पांच सितारा रेटिंग हासिल करने वाली खदानों को इस दौरान पुरस्कार और प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।
समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त और अपर सचिव सानोज कुमार झा सहित कोयला क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुख, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और राज्य सरकारों के अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सात प्रमुख क्षेत्रों में परखा जाता है खदानों का प्रदर्शन
कोयला खदानों की स्टार रेटिंग केवल उत्पादन या खनन क्षमता के आधार पर तय नहीं होती। इसमें खदानों के कामकाज से जुड़े कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है। इनमें परिचालन दक्षता, तकनीक का इस्तेमाल, कर्मचारियों का स्वास्थ्य और सुरक्षा, पर्यावरण प्रबंधन, सतत विकास, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन तथा स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए किए गए प्रयास शामिल हैं।
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कोयला नियंत्रक संगठन की ओर से नियुक्त समीक्षकों के आकलन और सत्यापन के बाद खदानों को पांच सितारा से लेकर बिना स्टार तक की रेटिंग दी जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य खनन कंपनियों के प्रदर्शन को तय मानकों पर परखना और बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना है।
सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल खनन पर जोर
स्टार रेटिंग नीति के तहत खदानों को सुरक्षा नियमों, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके जरिए खनन कंपनियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और तकनीकी सुधारों को अपनाने पर जोर दिया जाता है।
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कोयला मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की मूल्यांकन व्यवस्था से खदानों को अपने परिचालन मानकों में सुधार करने, पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय मजबूत करने और खनन के पूरे जीवनचक्र में बेहतर प्रक्रियाएं अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में उत्पादन के साथ सुरक्षा, पर्यावरण और खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के हितों का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। रायपुर में होने वाला यह समारोह इन्हीं मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली खदानों को पहचान देने का अवसर होगा।
