
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का पोत त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी मौजूदा तैनाती के दौरान 31 अक्टूबर को ग्रीस की सूडा खाड़ी पहुंच गया। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और यूनानी नौसेना के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए कई पेशेवर और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
बंदरगाह पर ठहराव के दौरान पोत के चालक दल की यूनानी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और एथेंस स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। इसके अलावा दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत, एक-दूसरे के जहाजों का दौरा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
नाटो के समुद्री प्रशिक्षण केंद्र की सुविधाओं से परिचित होगा चालक दल
इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के जवानों को सूडा खाड़ी स्थित नेवल सपोर्ट एक्टिविटी (NSA) और नाटो मैरीटाइम इंटरडिक्शन ऑपरेशनल ट्रेनिंग सेंटर (NMIOTC) की सुविधाओं से भी परिचित कराया जाएगा।
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इन गतिविधियों के जरिए चालक दल को समुद्री संचालन और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझने का अवसर मिलेगा। दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर अनुभवों और कार्यप्रणाली का आदान-प्रदान भी इस यात्रा का हिस्सा रहेगा।
युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि देगा चालक दल
सूडा खाड़ी में ठहराव के दौरान पोत का चालक दल सूडा बे वॉर सेमेट्री (Souda Bay War Cemetery) में श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। इसके साथ ही भारतीय नौसेना का यह पोत बंदरगाह पर ठहराव के दौरान आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा।
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भूमध्य सागर में जारी है भारतीय नौसेना की तैनाती
पोत त्रिशूल की ग्रीस यात्रा भूमध्य सागर में भारतीय नौसेना की मौजूदा तैनाती का हिस्सा है। इससे पहले यह पोत इटली के सिविटावेचिया बंदरगाह पर भी पहुंचा था, जहां भारतीय और इतालवी नौसेना के बीच पेशेवर बातचीत, जहाजों के दौरे और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।
ग्रीस की सूडा खाड़ी में यह ठहराव भारत और यूनान की नौसेनाओं के बीच संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर है। इससे दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणाली को समझने का मौका मिलेगा।
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