सोमवार, 2 नवम्बर 2026
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पंजाब में AAP के तीन विधायक BJP में शामिल, दो ने पार्टी छोड़ी; कुंवर विजय प्रताप ने MLA पद से दिया इस्तीफा

लेखक: मानवी तनेजारिपोर्ट: अतुल सक्सेना

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पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका लगा है। दो दिनों में तीन विधायकों ने पार्टी से दूरी बना ली और सोमवार को बीजेपी में शामिल हो गए। चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने AAP की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी, जबकि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया। घटनाक्रम AAP की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद सामने आया है।


पंजाब में AAP के तीन विधायक BJP में शामिल, दो ने पार्टी छोड़ी; कुंवर विजय प्रताप ने MLA पद से दिया इस्तीफा
पंजाब में AAP के तीन विधायक BJP में शामिल, दो ने पार्टी छोड़ी; कुंवर विजय प्रताप ने MLA पद से दिया इस्तीफा

चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायक उससे अलग हो गए। सोमवार, 2 नवंबर को पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। इन घटनाओं के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि दो विधायकों ने AAP की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी, जबकि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया।

दो विधायकों ने छोड़ी AAP की सदस्यता

पटियाला जिले की समाना सीट से विधायक और भगवंत मान सरकार में मंत्री रह चुके चेतन सिंह जौड़ामाजरा तथा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने रविवार, 1 नवंबर को आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था। दोनों ने पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए थे। सोमवार को दोनों बीजेपी में शामिल हो गए।

कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा से दिया इस्तीफा

अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार को पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेजा। पत्र में उन्होंने 1 नवंबर 2026 से विधानसभा की सदस्यता छोड़ने की बात कही है।

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कुंवर विजय प्रताप 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। हालांकि, पार्टी ने जून 2025 में उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी वह भगवंत मान सरकार और पार्टी नेतृत्व की नीतियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे।

पूर्व आईपीएस अधिकारी रहते हुए कुंवर विजय प्रताप 2015 के बरगाड़ी बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़े मामलों की जांच में भी शामिल रहे थे। विधायक बनने के बाद उन्होंने इन मामलों में न्याय मिलने में देरी को लेकर सरकार की आलोचना की। इसके अलावा उन्होंने नशे, कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर गतिविधियों जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा था।

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उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद बढ़ी नाराजगी

इन राजनीतिक घटनाक्रमों की एक अहम पृष्ठभूमि AAP की 2027 विधानसभा चुनाव के लिए जारी पहली उम्मीदवार सूची है। पार्टी ने 40 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। इस सूची में समाना और सनौर सीटें शामिल नहीं थीं, जिनका प्रतिनिधित्व चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा कर रहे थे।

इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने नए विधानसभा प्रभारी भी नियुक्त किए थे। सनौर में रंजोध हडाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई थी। इन नियुक्तियों के बाद दोनों मौजूदा विधायकों के दोबारा टिकट मिलने को लेकर अटकलें लग रही थीं। ऐसे में उम्मीदवारों की सूची के बाद उनके इस्तीफे को पार्टी की चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व में बदलाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।

AAP ने स्पीकर से सदस्यता रद्द करने की बात कही

तीनों नेताओं के बीजेपी में जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए स्पीकर से संपर्क करने की बात कही है। पार्टी नेताओं ने बीजेपी पर दूसरे दलों से निकले नेताओं को शामिल करने को लेकर निशाना साधा है।

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पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बीजेपी पर ऐसे नेताओं को अपने साथ लेने का आरोप लगाया जिन्हें पार्टी ने बाहर किया या जिनसे मतभेद रहे हैं। वहीं, बीजेपी में शामिल हुए नेताओं ने अपने फैसले के पीछे पंजाब के हित और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से जुड़े तर्क दिए हैं।

2027 के चुनाव से पहले बदले राजनीतिक समीकरण

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में तीन विधायकों का AAP से अलग होकर बीजेपी में जाना राज्य की राजनीति में नया घटनाक्रम है। खास बात यह है कि यह बदलाव पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची जारी होने के तुरंत बाद हुआ है।

अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के सामने दोनों विधायकों की सदस्यता को लेकर होने वाली कार्रवाई और बीजेपी में शामिल हुए नेताओं की आगे की राजनीतिक भूमिका पर रहेगी। कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे पर भी विधानसभा अध्यक्ष का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

रिपोर्ट: अतुल सक्सेना चंडीगढ़

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लेखक के बारे में
मानवी तनेजा राजनीतिक संवाददाता

मानवी तनेजा पिछले 9 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और राजनीति उनका मुख्य विषय है। वे देश और राज्यों की राजनीति को गहराई से समझती हैं और हर मुद्दे को अलग-अलग पहलुओं से पाठकों के सामने रखने का प्रयास करती हैं। रेवाड़ी लाइव पर वे देश और हरियाणा की राजनीति, चुनावी हलचल, सरकार के फैसलों और उनके जनता पर पड़ने वाले असर पर लिखती हैं। उनके लेख पाठकों के बीच काफी पसंद किए जाते हैं।

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