
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छह वर्षीय छात्रा के साथ कथित मारपीट के मामले में हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपल नीलू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे पहले विभाग दो शिक्षिकाओं को भी सस्पेंड कर चुका है। इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस केस दर्ज है और जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय कमेटी घटना की जांच कर रही है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 1 नवंबर को जारी आदेश में प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला का कार्यालय रहेगा। यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया की ओर से जारी किया गया है।
दो शिक्षिकाएं पहले ही हो चुकी हैं सस्पेंड
प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई से पहले स्कूल में केजी और तीसरी कक्षा की इंचार्ज दो शिक्षिकाओं को भी निलंबित किया गया था। पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल, क्लास इंचार्ज और चौकीदार के खिलाफ कथित लापरवाही के संबंध में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, केस जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा के तहत दर्ज किया गया है।
28 अक्टूबर को स्कूल में हुई थी घटना
यह घटना 28 अक्टूबर को हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने केजी की छह वर्षीय बच्ची पर कथित रूप से हमला किया था। बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं और उसे इलाज के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद स्कूल में बच्चों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
हरियाणा सरकार ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त, पंचकूला के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को सीसीटीवी फुटेज की जांच, घटना के समय शिक्षकों और अन्य स्टाफ की मौजूदगी, बच्चों की निगरानी व्यवस्था तथा प्राथमिक उपचार में किसी तरह की देरी जैसे पहलुओं की पड़ताल करनी है।
सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुरक्षा ऑडिट कराने का भी फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने मामले में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
सरकार ने बच्ची के इलाज का खर्च उठाने और परिवार को सहायता देने की घोषणा की है। पीजीआई की ओर से भी बच्ची को उपचार और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
प्रशासन ने लोगों और मीडिया से अपील की है कि बच्ची की पहचान उजागर करने वाली तस्वीर, वीडियो या अन्य जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। मामले में विभागीय और पुलिस जांच जारी है।
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