
पंचकूला। हरियाणा विधानसभा में संविधान दिवस के अवसर पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ने के लिए युवा संसद और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने सोमवार को पंचकूला में जनप्रतिनिधि सम्मेलन के दौरान यह जानकारी दी।
संविधान पखवाड़े की शुरुआत के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन में हरियाणा की विधायी परंपराओं, लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रदेश के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा हुई।
राजनीति के रास्ते अलग, लेकिन मंजिल एक : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक विचार और रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन हरियाणा की प्रगति और लोगों की खुशहाली सभी की साझा मंजिल है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में हरियाणा की लोकतांत्रिक चेतना की कई पीढ़ियां एक साथ मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के गठन के 60 वर्ष पूरे होने और हीरक जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संविधान पखवाड़ा गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की मौजूदगी को उन्होंने सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने वाला बताया।
54 सदस्यों से शुरू हुई थी विधानसभा की यात्रा
सैनी ने हरियाणा विधानसभा के इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1966 में प्रदेश के गठन के समय विधानसभा में 54 सदस्य थे। वर्ष 1967 में सीटों की संख्या बढ़कर 81 हुई और 1977 में यह 90 हो गई। वर्तमान में प्रदेश 15वीं विधानसभा के दौर में है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल कानून बनाने का मंच नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को मंजूरी देने और सरकार को जवाबदेह बनाने वाली महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्था भी है। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुनना भी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।
गांवों और स्कूलों तक पहुंचे संविधान की चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान पखवाड़े का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब संविधान से जुड़ी चर्चा सभागारों तक सीमित न रहकर गांवों, स्कूलों और बस्तियों तक पहुंचेगी। उन्होंने वर्तमान और पूर्व विधायकों से अपने क्षेत्रों में युवाओं के साथ संविधान संवाद आयोजित करने का आग्रह किया।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, आधुनिक कृषि और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ सामाजिक विश्वास और नागरिकों की गरिमा को भी मजबूत करना जरूरी है।
यह भी पढ़ेंपंजाब में BJP-अकाली दल गठबंधन पर सस्पेंस बरकरार, 60 सीटों की मांग से फंस सकता है पेंच
युवाओं, महिलाओं और पंचायत प्रतिनिधियों को जोड़ने की योजना
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने सम्मेलन में बताया कि संविधान दिवस पर विशेष सत्र के अलावा युवा संसद और विधायकों, विधानसभा अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। युवाओं, महिलाओं और पंचायतों तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ भी सम्मेलन आयोजित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि विकास केवल भौतिक ढांचे के निर्माण से पूरा नहीं होता, बल्कि इसमें आम लोगों की भागीदारी और जागरूक समाज की भूमिका भी जरूरी है। जनप्रतिनिधि अपने आचरण और काम के जरिए लोगों के लिए उदाहरण बन सकते हैं।
